कोसीर (सारंगढ़) छत्तीसगढ़ के सबसे पहले एवं बड़े बुद्ध विहारों में से एक, कोसीर बुद्ध विहार में भव्य कठीन चीवर दान समारोह बड़े हर्षोल्लास, श्रद्धा एवं धम्ममय वातावरण में संपन्न हुआ। इस पावन अवसर पर छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों सहित रायपुर से बड़ी संख्या में उपासक-उपासिकाओं ने सहभागिता की। कार्यक्रम में 30 से अधिक भिक्षु संघ के सदस्यों का आगमन हुआ, जिससे संपूर्ण परिसर बुद्धमय हो उठा।
कार्यक्रम के मुख्य मार्गदर्शक पूज्य भदंत डॉ. शील रत्न बोधि जी रहे, जिन्होंने श्रीलंका से बौद्ध शिक्षा प्राप्त की है। उनके मार्गदर्शन में धम्म के प्रचार-प्रसार, सामाजिक जागरूकता तथा आने वाली पीढ़ियों तक बुद्ध के विचारों को पहुंचाने के विषय में विशेष मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। उन्होंने धम्म को अपने जीवन में आत्मसात करने और संगठित होकर धम्म के विकास के लिए कार्य करने की प्रेरणा दी।
समारोह के अंतर्गत बुद्ध विहार कोसीर से डॉ. आंबेडकर चौक तक भव्य धम्म रैली निकाली गई। रैली में शामिल उपासक-उपासिकाओं ने अपने हाथों में श्रद्धापूर्वक चीवर धारण कर भिक्षु संघ को कठीन चीवर दान समर्पित किया। इस अवसर पर पूज्य भंते बुद्धघोष बोधि जी को कठीन चीवर दान प्रदान किया गया। यह आयोजन दान, श्रद्धा, त्याग एवं संघ के प्रति सम्मान की बौद्ध परंपरा का सुंदर उदाहरण बना।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों ने बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के सपनों को साकार करने, शिक्षा एवं सामाजिक समानता को आगे बढ़ाने तथा बुद्ध विहार कोसीर के विकास और विस्तार में अपनी यथाशक्ति सहभागिता देने का संकल्प लिया।
समारोह के समापन अवसर पर भिक्षु संघ ने सभी उपासक-उपासिकाओं को मंगल आशीर्वाद प्रदान किया। आयोजकों ने कार्यक्रम में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग देने वाले सभी श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए सभी के जीवन में मंगल, सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की।
कठीन चीवर दान केवल वस्त्र दान नहीं, बल्कि श्रद्धा, त्याग, करुणा और संघ के प्रति सम्मान की महान धम्म परंपरा है।
बुद्धं शरणं गच्छामि। धम्मं शरणं गच्छामि। संघं शरणं गच्छामि।
नमो बुद्धाय! जय भीम!
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